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लोक निर्माण विभाग में अधोमानक कार्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, फर्जी दस्तावेज पर ठेकेदारी करने वाले की फर्म ब्लैक लिस्ट

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08/12/2024 11:48 PM Total Views: 29609

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा अब तक के सबसे बड़े कदम के तहत विभाग में हो रहे अधोमानक कार्यों और दलालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में विभाग के अधिकारियों द्वारा सड़कों की गुणवत्ता जांच के दौरान कई स्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, विभाग में भ्रष्टाचार और जालसाजी की शिकायतों को लेकर अब दलालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागीय समीक्षा बैठक में कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था।

दलाल के खिलाफ शिकायती प्रकरण में बड़ा खुलासा

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लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय से दलालों के खिलाफ शिकायती प्रकरण में एक नया खुलासा हुआ है। आशीष दीक्षित नामक एक दलाल पर आरोप है कि उसने अपने रिश्तेदार शालिनी दीक्षित जो ऊरई (जालौन) की निवासी हैं। उनके नाम पर 2019 में ठेकेदार के रूप में पंजीकरण कराया। इस पंजीकरण को मुख्यालय के एक बड़े अधिकारी के दबाव में कराया गया था।

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जब इस दलाल के खिलाफ रतन पाण्डेय ने शिकायत दर्ज कराई तो विभाग ने इस पंजीकरण की जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि इस ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ फर्जी थे। जालसाजी के जरिए पंजीकरण कराया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने इस पंजीकरण को तुरंत निरस्त कर दिया गया और नियमानुसार काली सूची में डाल दिया गया।

जालसाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आशीष दीक्षित ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर ठेकेदार पंजीकरण कराया और इसे गलत तरीके से हासिल किया। विभाग ने इन दस्तावेजों का सत्यापन कराया और पाया कि पंजीकरण में इस्तेमाल किए गए प्रमाणपत्र पूरी तरह से फर्जी थे। इस पंजीकरण को निरस्त करने के बाद अब शिकायतकर्ता ने दलाल आशीष दीक्षित और शालिनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

 लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई

लोक निर्माण विभाग ने यह कदम उठाकर न सिर्फ विभागीय भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि अब कोई भी व्यक्ति या दलाल जो विभागीय कामकाजी प्रणाली में घुसपैठ करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में भ्रष्टाचार और जालसाजी के खिलाफ एक मिसाल बनेगी। इससे विभागीय पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम को लेकर आम नागरिकों और ठेकेदारों में उत्साह है। क्योंकि यह भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। लोक निर्माण विभाग अब ऐसे सभी व्यक्तियों और दलालों पर कड़ी नजर रखेगा जो विभाग के कामकाजी माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस कार्रवाई के बाद दलालों में मचा हड़कंप

फर्जी दस्तावेज के आधार पर ठेकेदारी करने वाली फर्म को काली सूची में डालने के बाद विभाग में सांठ-गांठ करके काम कराने वालों में हड़कंप मचा है। वहीं इस फर्म को सह देने वाले विभागीय बाबुओं और अधिकारियों में भी दहशत है।

पूर्व में 16 इंजीनियर हो चुके हैं सस्पेंड

लोक निर्माण विभाग में गुणवत्ता विहीन काम कराने के जिम्मेदारों पर विभाग ने अभी कुछ दिन पहले ही कड़ी कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागीय समीक्षा बैठक में कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। सीएम ने समीक्षा बैठक में कहा था कि किसी भी सूरत में अधोमानक काम बर्दाश्त नहीं होंगे।

 


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