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सीएम योगी बोले, यूपी में भय का वातावरण नहीं, माफियाओं का अंत हुआ

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13/02/2026 9:24 PM Total Views: 29473

  • अब उपद्रव नहीं उत्तर प्रदेश है उत्सव का प्रदेशः मुख्यमंत्री
  • 2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे
  • सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला

लखनऊ, 13 फरवरी। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर कई गंभीर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में गुंडे व माफिया सत्ता के संरक्षण में पल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष ने स्वयं ऐसे कुछ नाम लिए हैं, जबकि कई नाम लेने में वह संकोच कर गए। हमारी सरकार ने पहले दिन जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कही थी और सरकार आज भी अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ही चल रही है। अपराध कोई भी करेगा तो कानून उसको अपनी गिरफ्त में लेगा। 2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। गुंडा टैक्स, अवैध वसूली, वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की प्रवृत्ति को आगे बढ़ा रहे थे। कानून चंद हाथों की जागीर बन चुका था। कर्फ्यू और दंगा आम बात थी। पर्व और त्योहार आस्था के नहीं, आशंका के पर्याय बन गए थे। पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी ही सुरक्षित था। प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय थी और आज उपद्रव नहीं, उत्सव प्रदेश है उत्तर प्रदेश।

यूपी अब फियर जोन से फेथ जोन बना

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मुख्यमंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्तियां, महिला सशक्तिकरण की एक नई पारी, मॉडर्न पुलिसिंग, सुदृढ़ साइबर एवं फॉरेंसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर आज उत्तर प्रदेश की पहचान हैं। साइबर क्राइम हो, त्वरित और आपातकालीन सेवाएं हों, अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस, आज रूल ऑफ लॉ यूपी के अंदर देखने को मिलता है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला है। अब भय का वातावरण नहीं है, अब लोगों के मन में आस्था है। हर जनपद में उत्तर प्रदेश का वासी जाता है, बिना भय के जाता है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ली है। अब दंगों की जगह फेस्टिव और टेंपल इकोनॉमी ग्रो कर रही है। कोई सोचता था अयोध्या में करोड़ों लोग आएंगे? प्रयागराज में 2013 के कुंभ में कुल 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे और इस बार माघ मेला में ही 21 करोड़ श्रद्धालु आए हैं। ये है परिवर्तन। ये माघ मेला कल्पवासियों का होता था, लेकिन इस माघ मेले में बना रिकॉर्ड लोगों के विश्वास का प्रतीक है। अब यहां न कर्फ्यू है न दंगा है, यूपी में सब चंगा है।

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आज उत्तर प्रदेश में मॉडर्न पुलिसिंग पर जोर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा है, व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण है। इन आठ वर्षों में 2,19,000 से अधिक पुलिस की भर्ती हुई हैं। इसमें 20 फीसदी महिलाओं को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया गया है। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है। पुलिस भर्ती में हर जनपद के नौजवानों को अवसर मिला है, बिना भेदभाव। पुलिस अवस्थापना सुविधाओं में अभूतपूर्व विकास किया गया। पहले पुलिस के नौजवान खपरैल के बैरक में रहते थे। आज जिलों में आप जाएंगे तो हाई राइज बिल्डिंग पुलिस की अवस्थापना सुविधा के लिए होगी। मॉडर्न पुलिसिंग की बात आती है तो सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए, जिनके लिए आपकी सरकार कभी निर्णय ही नहीं ले पाई। फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को हम लोगों ने प्रदेश के अंदर लागू किया। आज तीन नए कानून लागू हो चुके हैं और लखनऊ में स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज प्रारंभ हो चुके हैं।

हर जनपद में साइबर क्रॉइम थाना स्थापित 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले साइबर क्राइम के केवल दो थाने थे, आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने हैं। इसके अलावा राज्य के हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क भी है। अब तक हजारों करोड़ रुपये, जो साइबर अपराधियों द्वारा ऐंठे जाते थे, उनको वापस कराने और बचाने में भी इस तंत्र ने योगदान दिया है। तीन नए कानून लागू होने के बाद हर उस अपराध में, जिसमें सात वर्ष से अधिक की सजा है, उसमें फॉरेंसिक एविडेंस आवश्यक है। पहले यूपी के अंदर दो या तीन लैब्स काम करती थीं, आज हम लोगों ने 12 ए-ग्रेड की लैब बनाई हैं और छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो फॉरेंसिक वैन उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि एविडेंस प्राप्त हो, अपराधी को सजा दी जा सके। ये एक नई दिशा में किए गए प्रयास हैं।

दंगाइयों का काल है पीएसी, हमारी सरकार ने किया पुनर्जीवित

मुख्यमंत्री ने सेफ सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई हो या गुजरात या फिर यूपी, सभी जगह भाजपा ही सुरक्षा दे सकती है। उत्तर प्रदेश में सेफ सिटी के लक्ष्य को 17 नगर निगम समेत गौतम बुद्ध नगर जनपद में हम लोगों ने लागू किया है। हर जिला मुख्यालय में सीसीटीवी कैमरे की कवरेज, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से उसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी उत्तर प्रदेश में हुआ है। इसके साथ ही पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्गठित करके उसको जीवित किया है, क्योंकि ये दंगाइयों की काल है। दंगा समर्थक कोई भी पार्टी पीएसी का समर्थन नहीं करती। समाजवादी पार्टी के कालखंड में इसे एक प्रकार से समाप्त करने की साजिश की गई थी। अब उसका पुनर्गठन करने के साथ ही तीन कंपनी महिला पीएसी का गठन किया जा चुका है और साथ ही तीन और कंपनियां हम बनाने जा रहे हैं। जिन तीन महिला पीएसी कंपनियों का गठन किया गया है, वो वीरांगना उदा देवी के नाम पर लखनऊ में, वीरांगना झलकारी देवी के नाम पर गोरखपुर में और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर बदायूं में गठित हो चुकी हैं। तीन नई वाहिनियों का गठन हम लोग करने जा रहे हैं।


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