PWD के अवर अभियंता ने प्रतिबंधित क्षेत्र में निजी कार घुसाई, प्रमुख सचिव की स्टाफ कार रुकी, मचा रहा हड़कंप


25/12/2025 8:03 AM Total Views: 26063
लखनऊ। लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब यांत्रिक खंड से जुड़े अवर अभियंता-प्राविधिक अनिल कुमार की निजी आर्टिगा कार (नंबर 4042) प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर गई, जिसके कारण प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग की सरकारी स्टाफ कार को बीच रास्ते रुकना पड़ा। यह घटना न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विभाग में कथित संरक्षण और रसूख की पोल भी खोलती है।
सूत्रों के अनुसार, अनिल कुमार वही अधिकारी हैं जिनके विरुद्ध लंबे समय से नियमविरुद्ध कार्य कराए जाने को लेकर शिकायतें की जा रही हैं। आरोप है कि उन्हें अवर अभियंता-प्राविधिक के पद पर रहते हुए अवर अभियंता-यांत्रिक के कार्य सौंपे जा रहे हैं, जो विभागीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि अनिल कुमार को अपने खंड की अधिशासी अभियंता रंजीता का खुला संरक्षण प्राप्त है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसी संरक्षण के चलते उनके खिलाफ की गई शिकायतें या तो दबा दी जाती हैं या फिर फाइलों में ही दम तोड़ देती हैं। बताया जा रहा है कि अनिल कुमार अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर शिकायतों से जुड़ी पत्रावलियों को आगे बढ़ने ही नहीं देते।
सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर विभागीय स्तर तक कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। एक शिकायती प्रकरण में विभाग द्वारा यह तथ्य स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आई है कि अनिल कुमार से उनके पद के विपरीत कार्य लिया जा रहा है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
विभागीय गलियारों में यह भी चर्चा है कि यह पूरा खेल मुख्य अभियंता यू.के. सिंह और अधीक्षण अभियंता अभय गुप्ता की कथित सरपरस्ती में चल रहा है, जिसके चलते नियमों को ताक पर रखकर एक अधिकारी को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यालय के प्रतिबंधित क्षेत्र में निजी वाहन का प्रवेश और शीर्ष अधिकारी की सरकारी कार का रुकना इस बात का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि विभाग में अनुशासन और जवाबदेही किस हद तक कमजोर हो चुकी है।
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