लखनऊ में बैठक के बाद राष्ट्रीय स्तर पर उभरे पीएन पाठक, ब्राह्मणों की एकजुटता से बढ़ी सियासी हलचल


31/12/2025 8:44 AM Total Views: 26102
लखनऊ स्थित अपने आवास पर सहभोज के नाम पर ब्राह्मण विधायकों की बैठक कराने वाले पंचानन पाठक उर्फ पीएन पाठक की पहचान अब उत्तर प्रदेश से निकलकर देशभर के ब्राह्मण समाज में बनती दिख रही है। इस बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर मची उथल-पुथल और संगठनात्मक प्रतिक्रिया ने ब्राह्मण समुदाय में नाराजगी और एकजुटता दोनों को तेज कर दिया है।
उधर पार्टी के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का ब्राह्मण विधायकों की बैठक के पक्ष में दिए गए बयान से मामला और तेज हो गया है।
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बैठक के तीन दिन बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी चेतावनी पत्र ने ब्राह्मण समाज को और उद्वेलित किया। समुदाय का कहना है कि एक ओर भाजपा अलग-अलग जातीय मोर्चों के जरिए समाजों को जोड़ने का प्रयास करती है, वहीं ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर आपत्ति जताकर पार्टी का दोहरा चरित्र सामने आया है। इस पर देशभर के ब्राह्मण संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए एकजुटता का प्रदर्शन किया है।
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ब्राह्मण समाज की नाराजगी इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि इसी तरह की एक बैठक, एक माह पूर्व ‘कुटुंब’ के नाम पर ठाकुर विधायकों द्वारा की गई थी, जिस पर न तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और न ही पार्टी संगठन की ओर से कोई आपत्ति जताई गई। समुदाय का सवाल है कि जब लखनऊ की बैठक से सरकार विरोधी कोई बात सामने नहीं आई, तो फिर चेतावनी की जरूरत क्यों पड़ी।
इसी बीच, बैठक के सूत्रधार पंचानन पाठक को देशभर के ब्राह्मण संगठनों की ओर से फोन कर स्वागत-अभिनंदन के लिए आमंत्रित किए जाने की खबरें हैं। समर्थकों के अनुसार, पंचानन पाठक वर्तमान समय में एक प्रमुख ब्राह्मण नेता के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट—“जय श्री राम, जय सनातन, जय भाजपा”—के माध्यम से संकेत दिया है कि ब्राह्मणों की एकता बनी रहेगी, इस तरह की बैठकें आगे भी होती रहेंगी और भाजपा से ब्राह्मणों को जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा।
समर्थकों का कहना है कि सत्य, सनातन और संस्कृति की रक्षा के लिए ब्राह्मण समाज एकजुट है और आगे भी अपनी भूमिका मजबूती से निभाता रहेगा।
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