लोक निर्माण विभाग में फर्जीवाड़े का आरोप, ठेकेदार पर FIR दर्ज करने की मांग


25/03/2026 9:40 AM Total Views: 26402
- कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने और विभागीय कार्य लेने का आरोप
लखनऊ/झांसी। लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक ठेकेदार पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने और फर्जी तरीके से कार्य हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में मिनिस्टिरियल एसोसिएशन द्वारा मुख्य अभियंता, झांसी क्षेत्र को पत्र भेजकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठेकेदार श्रीमती शालिनी दीक्षित (संचालक – शालिनी दीक्षित) निवासी सुशील नगर, उरई (जालौन) पर आरोप है कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग (मुख्यालय) में पंजीकरण के दौरान फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने विभाग में कार्य प्राप्त किया, जो नियमों के विरुद्ध है।
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पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित ठेकेदार को पहले ही विभाग द्वारा ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में डाला जा चुका है। इसके बावजूद पुनः कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से कार्य करने की कोशिश की जा रही है, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
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मामले में यह भी सामने आया है कि फर्म के संचालक आशीष दीक्षित द्वारा विभागीय कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बनाने और एक्सटॉर्शन मनी मांगने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। संगठन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही, संगठन ने यह भी मांग की है कि संबंधित ठेकेदार की पंजीकरण धरोहर राशि जब्त की जाए और पूरे प्रदेश में उनके द्वारा कराए गए कार्यों की जांच कराई जाए।इस संबंध में पत्र की प्रति प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ को भी भेजी गई है, ताकि मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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