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“भारत की शक्ति और धैर्य का प्रतीक है कश्मीर पर दिया गया उत्तर – स्वामी राजनारायणाचार्य

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16/05/2025 8:07 PM Total Views: 38469

प्रश्न 1: हाल ही की कश्मीर घटना को लेकर आप का क्या कहना है?

उत्तर: तिरुपति बाला जी मंदिर के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राजनारायणाचार्य जी ने कहा कि भारत के सर्वांगीण विकास को देखकर कुछ घोषित और अघोषित शत्रु राष्ट्र ईर्ष्या की अग्नि में जल रहे हैं। उन्होंने कश्मीर में एक घिनौने कृत्य को अंजाम दिया है, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति उत्पन्न की जा सके, ठीक वैसे ही जैसे रूस और यूक्रेन के बीच हुआ।

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प्रश्न 2: पाक पोषित आतंकियों के क्रूरता पूर्ण रवैया पर भारत ने इसका क्या उत्तर दिया है?

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उत्तर: स्वामी जी ने कहा कि हिन्दुस्तान ने इस कृत्य का मुँहतोड़ जवाब दिया है, जो देश की आत्मरक्षा की दृढ़ता और संकल्प को दर्शाता है।

प्रश्न 3: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर स्वामी जी की क्या राय है?

उत्तर: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी न केवल एक सक्षम राजनीतिज्ञ हैं, बल्कि धर्मनीतिज्ञ और कुशल कूटनीतिज्ञ भी हैं। वे वर्तमान समय में अनुकूल अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। स्वामी जी ने महाकवि भारवि का उद्धरण देते हुए कहा – “सहसा न क्रियाम् विदधीत” अर्थात किसी भी कार्य को बिना सोच-विचार के नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 4: क्या कोई अन्य देश भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कर सकता है?

उत्तर: स्वामी जी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी देश भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की स्थिति में नहीं है। भारत अब इतना सक्षम है कि वह हर स्थिति का सामना आत्मबल के साथ कर सकता है।

प्रश्न 5: भारतमाता की प्रतीकात्मक छवि पर स्वामी जी ने क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने कहा कि भारतमाता इस समय कमल का पुष्प धारण करके लक्ष्मी स्वरूप में हैं—शांति, समृद्धि और संतुलन की प्रतीक। लेकिन जब समय आएगा, तो वही भारतमाता दुर्गा बनकर समस्त राक्षसी शक्तियों का सर्वनाश करेंगी। यह भारत की शक्ति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।

 

 


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