2027 के मिशन पर भाजपा: तावड़े ने पदाधिकारियों से मांगी जमीनी रिपोर्ट, बोले- अखिलेश के ‘PDA’ का सपना नहीं होगा कामयाब


05/09/2026 7:18 PM Total Views: 38431
- दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं भाजपा के उप प्रभारी विनोद तावड़े
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम से करेंगे मुलाकात

लखनऊ एयरपोर्ट पर विनोद तावड़े का स्वागत करते संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी अब पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रही है। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े अपने दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। प्रदेश कार्यालय में उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात कर संगठन की जमीनी स्थिति और आगामी चुनाव की तैयारियों का फीडबैक लिया।
तावड़े ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव के ‘PDA’ का मतलब ‘पराया धन अपना’ है, लेकिन NDA उनके इस मंच और मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और प्रचंड बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।
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बंद कमरे में हुई रणनीतिक बैठक
लखनऊ पहुंचने के बाद विनोद तावड़े ने संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और सह प्रभारी जगदीश पटेल के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में 2027 के चुनाव की तैयारियों, संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के बाद तावड़े ने प्रदेश पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात कर जमीनी हकीकत की रिपोर्ट मांगी। पदाधिकारियों से यह जानकारी लेने पर जोर रहा कि संगठन की पहुंच बूथ स्तर तक कितनी मजबूत है, कार्यकर्ताओं की सक्रियता कैसी है और जनता के बीच सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का संदेश किस प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है।
‘कागजी तैयारी नहीं, जमीन पर दिखे संगठन की ताकत’
भाजपा नेतृत्व का फोकस इस बार केवल चुनावी रणनीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बूथ से लेकर विधानसभा स्तर तक संगठन की वास्तविक स्थिति को परखने पर है। यही वजह है कि प्रदेश पदाधिकारियों से जमीनी रिपोर्ट लेकर कमजोर कड़ियों को चिन्हित करने और उन्हें समय रहते मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
भाजपा की रणनीति साफ है—2027 के चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय, मजबूत और चुनावी दृष्टि से पूरी तरह तैयार करना। प्रदेश प्रभारी का लगातार संगठनात्मक प्रवास और पदाधिकारियों से सीधा फीडबैक इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य
भाजपा नेतृत्व 2027 के विधानसभा चुनाव को योगी सरकार की उपलब्धियों और संगठन की ताकत के आधार पर लड़ने की तैयारी में है। पार्टी का लक्ष्य सत्ता में लगातार तीसरी बार वापसी का है। इसके लिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर पर और धार देने की कवायद तेज कर दी गई है।
लखनऊ में विनोद तावड़े की बैठक से यह संदेश स्पष्ट है कि भाजपा ने 2027 की चुनावी तैयारी को अब सिर्फ रणनीति के कागजों तक नहीं, बल्कि जमीन पर संगठन की सक्रियता और कार्यकर्ताओं के फीडबैक से जोड़ दिया है।

