News Nation Today

Latest Online Breaking News

9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, निवेश से 65 लाख रोजगार: सीएम योगी

Watermark

WhatsApp Icon

03/09/2026 9:37 PM Total Views: 38430

  • आस्था, सुशासन और रोजगार से बदली यूपी की तस्वीर: मुख्यमंत्री योगी
  • बीमारू मानसिकता से बाहर निकला प्रदेश, अब देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला राज्य: सीएम योगी
  • 2017 से पहले नौकरी का विज्ञापन निकलते ही शुरू हो जाता था खेल: सीएम योगी
  • आस्था बनी स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत, ब्रज में करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे
  • गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी, सीएम बोले- यूपी में 122 चीनी मिलों का हो रहा संचालन
  • कानून का राज बना विकास की पहली शर्त, सीएम ने कैराना का दिया उदाहरण
  • विज्ञापन से पोस्टिंग तक युवा रहते थे चिंतित, स्कूलों में न शिक्षक थे, न बुनियादी सुविधाएं: सीएम योगी
  • ड्रॉपआउट दर 19-20 से घटकर अब तीन प्रतिशत से भी कम हुई: सीएम योगी

लखनऊ, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में अपनी चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए विकास की नई दिशा तय की है। कभी बीमारू प्रदेश की छवि से देखा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आस्था को अर्थव्यवस्था, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार, शिक्षा को रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मथुरा में पंचायत आज तक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, रोजगार, भर्ती व्यवस्था, शिक्षा, कृषि, गन्ना भुगतान, ओडीओपी, एमएसएमई, महिला स्वयं सहायता समूह, धार्मिक पर्यटन, निवेश, निर्यात, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, कांवड़ यात्रा और युवाओं के कौशल विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, निवेश से करीब 65 लाख रोजगार

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी, उपजाऊ भूमि, विशाल बाजार, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और उद्यमशीलता है। सरकार ने इन संसाधनों को एक साथ जोड़कर विकास का ऐसा मॉडल तैयार करने का प्रयास किया है, जिसका सीधा लाभ गांव, किसान, कारीगर, महिला स्वयं सहायता समूह, युवा और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है इसलिए डबल इंजन सरकार ने यूपी में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और आरक्षण व्यवस्था का पालन किया गया है। पेपर लीक और नकल के खिलाफ सख्त कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

कानून का राज बना विकास की पहली शर्त, कैराना का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। निवेश के माध्यम से करीब 65 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि एमएसएमई और ओडीओपी से 3.25 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया। विकास और निवेश के लिए सबसे जरूरी शर्त कानून का राज है। कैराना का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी पलायन की चर्चा होती थी, वहां अब परिस्थितियां बदली हैं। सुरक्षा का वातावरण बनने से लोगों में भरोसा बढ़ा है और प्रदेश निवेश के लिए अधिक अनुकूल हुआ है।

आस्था बनी स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत, ब्रज में करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे

मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को रोजगार और स्थानीय कारोबार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जब किसी धार्मिक स्थल पर पहुंचता है तो वह फूल-माला, प्रसाद और स्थानीय उत्पाद खरीदता है, रिक्शा-टैक्सी का इस्तेमाल करता है, होटल और रेस्टोरेंट में ठहरता है। इससे एक व्यक्ति का धार्मिक भ्रमण कई परिवारों की आजीविका का आधार बनता है। ब्रज क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने जन्माष्टमी, बरसाना की होली, ब्रज राज महोत्सव, गोवर्धन की पंचकोसी और 84 कोसी परिक्रमा का जिक्र किया। पिछले वर्ष करीब 11 करोड़ श्रद्धालु ब्रज क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन और शुक्रतीर्थ के साथ बौद्ध व जैन स्थलों को भी पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की बात कही।

ओडीओपी ने गांव-कस्बों के हुनर को दिया बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर

सीएम ने एक जिला, एक उत्पाद को स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अहम पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहले बाजार और सुविधाओं के अभाव में बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे उद्यमी पलायन कर रहे थे। ओडीओपी के माध्यम से जिलों के पारंपरिक उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार, तकनीक, पैकेजिंग, डिजाइन और कनेक्टिविटी से जोड़ा गया। फिरोजाबाद का कांच, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ का हार्डवेयर, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ के खेल उत्पाद, सहारनपुर का लकड़ी का काम, भदोही की कालीन, वाराणसी की साड़ी, गोरखपुर की टेराकोटा और सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पाद अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं।

गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी, 122 चीनी मिलों का संचालन

कृषि क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता देश के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और करीब 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद देश के खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत है। सीएम ने गन्ना किसानों के भुगतान का उल्लेख करते हुए कहा करीब 3.26 लाख करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य भुगतान किया। गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात कहते हुए कहा कि वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं साढ़े नौ साल में कोई चीनी मिल बंद नहीं हुई। 110 चीनी मिलों द्वारा चौथे दिन तक भुगतान किया जाता है।

ड्रॉपआउट दर 19-20 से घटकर अब तीन प्रतिशत से भी कम

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के भविष्य से जोड़ा। 2017 से पहले स्कूलों में शौचालय, पेयजल, भवन, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.46 लाख बेसिक शिक्षा स्कूलों में से 1.36 लाख स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर किए जाने के बारे में बताया। करीब 1.60 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई है। ड्रॉपआउट दर 19-20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत से भी कम हुई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा आठ के बजाय कक्षा 12 तक विस्तार देने, मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूलों और अटल आवासीय विद्यालयों जैसे मॉडल विकसित करने की बात भी उन्होंने कही।

एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और जलमार्ग से निवेश को गति

मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत है। सात शहरों में मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तथा आरआरटीएस का जिक्र करते हुए उन्होंने कनेक्टिविटी में सुधार को बड़ी उपलब्धि बताया। वाराणसी से हल्दिया तक इनलैंड वाटरवे और प्रदेश में 17 घरेलू तथा पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, रेल, एयर और जल कनेक्टिविटी बेहतर होने से निवेश और व्यापार को नई गति मिलती है। प्रदेश की विकास यात्रा अब केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। आस्था से पर्यटन, पर्यटन से कारोबार, कारोबार से रोजगार, रोजगार से स्थानीय अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश को जोड़कर उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक विकास यात्रा का प्रमुख केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

त्योहारों के आयोजन से लेकर विरासत संरक्षण तक, नए यूपी का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए धार्मिक आयोजनों को सुविधाजनक बनाने का काम किया है। जन्माष्टमी और कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों पर अनेक तरह के प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि अब सुरक्षा और कानून के दायरे में उत्सवों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। सीएम ने कहा इस वर्ष कांवड़ यात्रा में गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल हुए। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का आधार उसकी पहचान और क्षमता दोनों हैं। धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, कृषि, स्थानीय उत्पाद, युवा शक्ति, उद्योग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को साथ लेकर चलने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है। यही बदलाव उत्तर प्रदेश को पुरानी बीमारू छवि से बाहर निकालकर एक ऐसे प्रदेश की ओर ले जा रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

विज्ञापन से पोस्टिंग तक युवा रहते थे चिंतित

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कोई भी नौकरी निकलती थी और उसका विज्ञापन जारी होते ही खेल शुरू हो जाता था। उन्होंने इस व्यवस्था को एक सिंडिकेट बताते हुए कहा कि इसमें महाभारत के सभी पात्र मिल जाएंगे। कोई शकुनि था, कोई दुर्योधन और कोई दुशासन। ये सभी मिलकर उत्तर प्रदेश के युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करते थे। हर युवा पहले परीक्षा के विज्ञापन को लेकर चिंतित रहता था। इसके बाद परीक्षा, फिर परिणाम और फिर पोस्टिंग को लेकर उसकी चिंता बनी रहती थी। इसके बाद भी उत्तर प्रदेश में आगे जो खेल होता था, उसे सभी ने देखा है। यदि 2017 से पहले इन लोगों ने ईमानदारी के साथ उत्तर प्रदेश के नौजवानों को उस प्रकार के अवसर दिए होते तो प्रदेश के अंदर ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियां कभी नहीं आतीं।


लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930