News Nation Today

Latest Online Breaking News

उत्तर प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस पटरी से उतरी, स्थानांतरण नीति की उड़ रही धज्जियां”

Watermark

WhatsApp Icon

20/06/2025 10:46 PM Total Views: 38487

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे स्थानांतरण सत्र को लेकर राज्य में एक नई हलचल पैदा हो गई है। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (कार्मिक) द्वारा निर्गत की गई स्थानांतरण नीति की खुलकर अनदेखी हो रही है, जिससे कई विभागों में अफसरशाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे. एन. तिवारी ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन आधारित स्थानांतरण प्रणाली को दरकिनार करते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को फिर से “उद्योग” का रूप दे दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

दर्जनों विभागों में ‘स्थानांतरण सत्र-0’ घोषित

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

निबंधन, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुधन, कृषि, वन, आयुष, स्टांप एवं पंजीयन जैसे 12 से अधिक विभागों में अब तक 1000 से अधिक स्थानांतरण निरस्त करते हुए स्थानांतरण सत्र को शून्य घोषित किया जा चुका है।

सर्वाधिक गंभीर आरोप उन्हीं विभागों पर लगे हैं, जिनके अधीन प्रमुख सचिव (कार्मिक) स्वयं हैं — विशेष रूप से कर निबंधन विभाग, जहां मुख्यमंत्री को स्थानांतरण रद्द कराने तक की नौबत आ गई।

नीति के विपरीत, मनमानी और लेनदेन के आरोप

खाद्य रसद विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा और होम्योपैथी विभाग में संगठनों की संस्तुति की अनदेखी करते हुए पारदर्शिता और वरिष्ठता मानकों की अवहेलना की गई। कई स्थानों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को नहीं हटाया गया, जबकि कम समय सेवा वाले कर्मचारियों को जबरन ट्रांसफर कर दिया गया।

तिवारी ने कहा कि पिछले वर्षों में मुख्यमंत्री द्वारा पारदर्शी स्थानांतरण प्रक्रिया लागू करने के प्रयास सराहनीय थे, लेकिन इस बार कई विभागों में भारी गड़बड़ियों और कथित उगाही ने स्थिति को चिंताजनक बना दिया है।

प्रमुख सचिव (कार्मिक) की भूमिका पर भी उठे सवाल

परिषद ने स्पष्ट किया है कि इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया में परामर्शी विभाग — कार्मिक — की भूमिका सबसे बड़ी विफलता के रूप में सामने आई है। तिवारी ने मांग की है कि प्रमुख सचिव कार्मिक की जिम्मेदारी की भी जांच की जाए, क्योंकि उनका नियंत्रण अब कमजोर होता दिखाई दे रहा है।

📢 संयुक्त परिषद की अपील

  1. जे एन तिवारी ने मुख्यमंत्री के ई-पोर्टल पर दर्ज कराए गए पत्र के माध्यम से मांग की है कि:
  2. सभी गड़बड़ स्थानांतरणों की स्वतंत्र जांच हो,
  3. पारदर्शिता भंग करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए,
  4. स्थानांतरण नीति की समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

 

 

 


लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930