LDA में JE भर्ती पर ‘रेट कार्ड’ का आरोप! आउटसोर्सिंग कंपनी ने मांगे 8 लाख, 5 लाख में डील का दावा, CM से शिकायत करेंगे अभ्यर्थी


08/08/2026 11:00 AM Total Views: 38432
- अभ्यर्थियों का आरोप—रकम तय होने के बाद ही इंटरव्यू के लिए भेजे जा रहे नाम, LDA के कुछ अफसरों की मिलीभगत की भी चर्चा
- कुछ अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कही
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में आउटसोर्सिंग के जरिए जूनियर इंजीनियरों की भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती में इंटरव्यू के लिए नाम भेजने के एवज में आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्ताधर्ताओं द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही है। अभ्यर्थियों के मुताबिक शुरुआत में रकम 8 लाख रुपये तक बताई गई, जबकि बातचीत के बाद कथित तौर पर 5 लाख रुपये में सौदा तय करने की बात कही गई। इस मामले में कुछ अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करने की बात कही है।
मामले की शिकायत से जुड़े लोगों का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में प्राधिकरण के अधिकारियों को भी जानकारी दी है। आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से उन्हीं अभ्यर्थियों के नाम आगे बढ़ाए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर तय रकम देने के लिए तैयार हैं।
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पहले 8 लाख की मांग, बातचीत में 5 लाख पर डील का दावा
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नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर दो अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उनकी आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्ताधर्ता से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान कथित तौर पर 8 लाख रुपये की मांग की गई। अभ्यर्थियों ने जब इतनी रकम को अधिक बताया तो बातचीत के बाद कथित रूप से 5 लाख रुपये में सौदा तय करने की बात कही गई।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें दो दिन का समय देते हुए कहा गया कि रकम उपलब्ध कराने के बाद उनका नाम LDA में JE पद के इंटरव्यू के लिए भेज दिया जाएगा।
सवालों के घेरे में भर्ती प्रक्रिया
यदि अभ्यर्थियों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल आउटसोर्सिंग कंपनी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों का चयन योग्यता के आधार पर हो रहा है या फिर कथित लेन-देन के आधार पर?
LDA के कुछ अफसरों की भूमिका पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में LDA के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि आउटसोर्सिंग कंपनी को भर्ती प्रक्रिया में क्या अधिकार दिए गए हैं और इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों के नाम तय करने की प्रक्रिया क्या है।
‘पैसे दो, नाम भेजेंगे’—अगर आरोप सही तो बड़ा भर्ती घोटाला
LDA में आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली नियुक्तियों को लेकर यदि पैसे के बदले इंटरव्यू में नाम भेजने का खेल चल रहा है, तो यह बेरोजगार युवाओं के साथ गंभीर अन्याय है। ऐसे में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, आउटसोर्सिंग कंपनी की भूमिका की जांच तथा भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है।
अब देखना यह होगा कि LDA प्रशासन इन गंभीर आरोपों का संज्ञान लेकर जांच कराता है या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया में आउटसोर्सिंग कंपनी को अभ्यर्थियों के चयन अथवा इंटरव्यू के लिए नाम भेजने का अधिकार किस नियम के तहत मिला है।

