PWD में फर्जी संगठन चला रहे कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग तेज, लोक निर्माण विभाग में हड़कंप


15/06/2025 1:51 PM Total Views: 26303
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में वर्तमान स्थानांतरण सत्र 2025-26 के दौरान फर्जी संगठनों के माध्यम से हस्तक्षेप और भ्रम फैलाने की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। विभागीय मान्यता प्राप्त संगठन “उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन” ने एक विस्तृत पत्र जारी कर चार कथित फर्जी पदाधिकारियों के नाम उजागर करते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का आरोप – “फर्जी संगठन बनाकर हो रहा है स्थानांतरण प्रक्रिया में दखल”
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संगठन ने मुख्य अभियंताओं को संबोधित अपने पत्र में लिखा है कि कुछ व्यक्ति स्वयं को फर्जी संगठन का पदाधिकारी घोषित कर विभाग एवं शासन को गुमराह कर रहे हैं। संगठन के अनुसार इन लोगों द्वारा फर्जी पैड, दस्तावेज़ एवं छद्म नामों से पत्राचार कर अधिकारियों पर अनैतिक दबाव डाला जा रहा है।
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चार प्रमुख नाम जो चर्चा में
1. कमल अग्रवाल (कानपुर नगर)
पूर्व में मदिरापान करते हुए वीडियो वायरल
निलंबन के बाद बहाली, अब फिर फर्जी दस्तावेज़ों से हस्तक्षेप
प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्यरत
2. मंसूर अली (वरिष्ठ सहायक, लखनऊ)
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक पोस्ट
एसटीएफ जांच में दोष सिद्ध, फिर भी कार्रवाई से बचाव
फर्जी संगठन के नाम से पत्र जारी करने का आरोप
3. गोपाल प्रसाद (वरिष्ठ सहायक, मथुरा)
कर्मचारी से मारपीट, गाली-गलौज के लिए कुख्यात
मथुरा में सिटी मजिस्ट्रेट से भी विवाद
निलंबन के बावजूद स्वयंभू संगठनकर्ता बने
4. देवेन्द्र कुमार यादव (लखनऊ)
- फर्जी पैड छपवाकर संगठन का संचालन
- मान्यता प्राप्त संगठन के नाम का दुरुपयोग
- भ्रम फैलाकर स्थानांतरण प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश
- कहीं कार्यालय नहीं। बिना अधिशासी अभियंता के सहमति के प्रांतीय खंड लखनऊ में कार्यालय चला रहे हैं।
संगठन ने की कठोर कार्रवाई की मांग
मान्यता प्राप्त संगठन के प्रान्तीय अध्यक्ष पद्मनाभ त्रिवेदी और महामंत्री जेपी पाण्डेय ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि फर्जी संगठनों व पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे पत्राचार को अमान्य (NULL & VOID) घोषित किया जाए
सभी मान्यता प्राप्त संगठनों के केन्द्रीय कार्यालयों की जांच कमेटी गठित कर सत्यापन कराया जाए।
केवल उन्हीं संगठनों को वैध माना जाए जिनका लखनऊ व जनपदों में सुसंगठित ढांचा हो एवं दस्तावेज़ों के साथ कार्य कर रहे हों।
मौजूदा स्थानांतरण सत्र में बढ़ रही है अराजकता की आशंका
स्थानांतरण रुकवाने या प्रभावित करने के नाम पर कुछ तत्व आर्थिक शोषण तक करने लगे हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे तत्व विभाग की छवि को धूमिल करने के साथ-साथ स्थानांतरण प्रक्रिया को भी अवैध रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
संगठन की अपील – “सत्य को पहचानें, फर्जीवाड़े को न बढ़ावा दें”
संगठन ने विभागीय अधिकारियों से अपील की है कि वे फर्जी संगठनों के प्रभाव में आने से बचें, उनके पत्रों को संज्ञान में न लें और फर्जीवाड़ा करने वालों पर कठोर विभागीय कार्रवाई करें।
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