PWD में फर्जी दस्तावेज़ पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले पर कसेगा शिकंजा, सीएम से शिकायत


10/12/2025 5:16 PM Total Views: 25766
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी में फर्जी पंजीकरण और करोड़ों की अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री को भेजी गई विस्तृत शिकायत में एक ठेकेदार पर जाली दस्तावेज़ों के आधार पर A-श्रेणी का पंजीकरण प्राप्त करने और भारी भरकम भुगतान हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, आशीष दीक्षित नामक व्यक्ति ने 2018 में शालिनी दीक्षित के नाम से ठेकेदार पंजीकरण कराया। लेकिन पंजीकरण के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ों में भारी विसंगतियाँ सामने आई हैं।
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- विरोधाभासी अनुभव प्रमाणपत्र,
- तकनीकी स्टाफ का कथित फर्जी शपथपत्र,
- मशीनरी से जुड़े दस्तावेज़ों में चाणक्य और प्रहरी पोर्टल पर बड़ा अंतर।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 2023 में नवीनीकरण हेतु जिस कनवर्टर सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया गया, उसे बाद में विभाग ने फर्जी पाया और इसके आधार पर 18 नवंबर 2024 को संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
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सवाल यह खड़ा हो गया
जब दस्तावेज़ों में इतनी गंभीर गड़बड़ियाँ थीं, तो विभाग में करोड़ों रुपये का भुगतान आखिर कैसे जारी होता रहा? इधर, आरोप सिर्फ फर्जी पंजीकरण तक सीमित नहीं हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी व्यक्ति पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार करते हुए अनधिकृत रूप से प्रवेश करता रहा, कर्मचारियों को डराता-धमकाता रहा और कथित वसूली में शामिल रहा।
महिला कर्मचारियों की ओर से भी अशोभनीय टिप्पणियों और डराने-धमकाने को लेकर लिखित शिकायतें दी गई हैं।
मामले के बढ़ने पर पीडब्ल्यूडी के सभी सेवा संघों ने प्रमुख अभियंता से मिलकर आरोपी व्यक्ति के कार्यालय प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर दी है।
उधर, शिकायतकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से स्पष्ट तौर पर मांग की गई है कि
- आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए,
- तुरंत गिरफ्तारी हो,
- सरकारी धन की वसूली कराई जाए, और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर हुए सभी पंजीकरण व भुगतान की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
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