सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए बजट में 18,290 करोड़ रुपये का प्रावधान


11/02/2026 8:46 PM Total Views: 25755
- नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
- जल जीवन मिशन के समस्त घटकों के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान
लखनऊ, 11 फरवरी। प्रदेश सरकार ने बजट में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सिंचाई, जल संसाधन और ग्रामीण जलापूर्ति क्षेत्र में महत्वपूर्ण आवंटन प्रस्तावित किए हैं। यह बजट योगी आदित्यनाथ सरकार के दसवें बजट के रूप में विधानसभा में पेश किया गया, जिसमें कृषि, सिंचाई और जल संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।वित्तीय वर्ष 2026-27 में वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जो पिछले वर्ष 2025-26 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी राज्य में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने और बाढ़ प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इस राशि से गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए सीवरेज संबंधी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें से 41 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं, जबकि शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन प्रयासों से गंगा में दूषित जल के प्रवाह को रोका जा सकेगा और नदी की स्वच्छता सुनिश्चित होगी।
ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें
जल जीवन मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जल जीवन मिशन के समस्त घटकों हेतु लगभग 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान करने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 2.43 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
Read Also This:
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख परियोजनाओं में मध्यगंगा स्टेज-2 परियोजना, कनहर सिंचाई परियोजना, केन-बेतवा लिंक परियोजना और भौरट बाँध परियोजना शामिल हैं, जिनका कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 4.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता का सृजन होगा। इसके प्रदेश में सिंचाई क्षमता का विस्तार के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2100 नवीन राजकीय नलकूपों का निर्माण और डार्क जोन में स्थित 569 असफल राजकीय नलकूपों का पुनर्निर्माण पूरा किया गया है। इन कार्यों से लगभग 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना हुई है एवं लगभग 1.43 लाख कृषक परिवार लाभान्वित हुए हैं।
प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण की प्रगति के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 285 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण की गईं, जिनसे 49.09 लाख आबादी लाभान्वित हुई। साथ ही, 11,065 किलोमीटर लंबाई में ड्रेनों की सफाई कराई जा चुकी है, जिससे जल निकासी व्यवस्था मजबूत हुई है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के बजटीय प्रावधानों से उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। बजट में जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिलेटेड न्यूज

